GDP Full Form | What is the Full form of GDP | GDP क्या है?

GDP Full Form– The Full form of GDP is Gross Domestic Product.

GDP क्या है,What is GDP in Hindi- हो सकता है आपने कभी सुना होगा कि GDP क्या है(What is GDP in Hindi). अक्सर आपने लोगों को इसके बारे में जरूर बात करते हुए सुना होगा और अगर इसके बारे में आपको बिल्कुल कुछ भी नहीं पता तो आज के इस पोस्ट में हम इसके बारे में बात करेंगे और जानेंगे की GDP क्या होता है और इसका फुल फॉर्म क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है।

देश में उत्पादन किए गए हैं सभी चीजों का जो कुल मूल्य होता है उसे GDP कहते हैं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि वस्तुएं या सेवा सरकार या नागरिकों द्वारा बनाया गया है या फिर विदेशियों द्वारा बनाए गए हैं. अगर कोई भी वस्तु या सेवा देश के बॉर्डर के अंदर में स्थित है तो उन का उत्पादन सकल घरेलु उत्पाद में शामिल है.

इसमें डबल काउंटिंग से बचने के लिए सकल घरेलू उत्पाद में उत्पादन का अंतिम मूल्य शामिल किया जाता है लेकिन इसमें जो भी से नहीं होते हैं उदाहरण के लिए मान लीजिए श्री लेदर एक जूता बनाती है तो इसमें जो अंतिम उत्पाद यानी जूता बिकने के लिए तैयार होता है सिर्फ उसी का मूल्य इसमें जोड़ा जाता है. अब यहां पर आप समझ सकते हैं कि जूते में लेस भी होता है उसका शोल भी होता है जो अलग से उस में डाला जाता है तो अलग-अलग भाग होते के मूल्यों को नहीं लिया जाता बल्कि जो एक अंतिम पूरा उत्पाद होता है Product होता है सिर्फ उसी का मूल्य लिया जाता है.

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GDP Full Form | What is the Full form of GDP

GDP Full Form– The Full form of GDP is Gross Domestic Product.

वर्तमान प्राइस (करेंट प्राइस)

GDP(Gross Domestic Product)-के उत्‍पादन मूल्‍य में अगर महंगाई की दर को जोड़ दिया जाए तो हमें आर्थिक उत्‍पादन की मौजूदा कीमत हासिल हो जाती है। यानि कि आपको कॉस्‍टैंट प्राइस जीडीपी को तात्‍कालिक महंगाई दर से जोड़ना होता है।

जीडीपी का फार्मूला – जीडीपी की गणना करने का सूत्र क्या है?

जीडीपी के कॉम्पोनेंट में व्यक्तिगत उपभोग वाले खर्चे और व्यवसायिक इन्वेस्टमेंट के साथ-साथ सरकारी निवेश को जोड़ा जाता है और इसके साथ ही निर्यात किए गए चीजों को आयात किए गए चीजों में घटाया जाता है और फिर इसे भी अन्य के साथ जोड़ दिया जाता है. जब आप जानते हैं कि कॉम्पोनेंट्स क्या है तो इस मानक सूत्र का उपयोग करके देश के सकल घरेलू उत्पाद की गणना करना आसान है.

GDP = C + I + G + (X – M)

GDP = private consumption + gross investment + government investment + government spending + (exports – imports).

C – Private consumption

I – Gross investment

G – Government investment

X – Exports

M – Imports

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इस आधार पर तय होती है भारत की GDP- देश में एग्रीकल्चर, इंडस्ट्री और सर्विसेज़ यानी सेवा तीन प्रमुख घटक हैं जिनमें उत्पादन बढ़ने या घटने के औसत आधार पर जीडीपी दर तय होती है. ये आंकड़ा देश की आर्थिक तरक्की का संकेत देता है. अगर आसान भाषा में कहें तो मतलब साफ है कि अगर जीडीपी का आंकड़ा बढ़ा है तो आर्थिक विकास दर बढ़ी है और अगर ये पिछले तिमाही के मुक़ाबले कम है तो देश की माली हालत में गिरावट का रुख़ है.

भारत में कौन जारी करता है GDP के आंकड़ें-सरकारी संस्था CSO ये आंकड़े जारी करती है. 
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी सीएसओ देशभर से उत्पादन और सेवाओं के आंकड़े जुटाता है इस प्रक्रिया में कई सूचकांक शामिल होते हैं, जिनमें मुख्य रूप से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी आईआईपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई हैं.

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