आज भी कई ऐसे गाँव व छोटे शहर हैं जहाँ इंग्लिश सीखने के लिए अच्छे इंस्टिट्यूय नही हैं और हिन्दी मीडियम स्कूलों में पढने वाले बच्चों को तो माहौल तक नही मिल पाता । एक गरीब व मिडिल क्लास व्यक्ति के जीवन में शिक्षा ही एकमात्र जरिया है अपनी खुद की पहचान बनाने का और